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Wednesday, February 24, 2010

बेटी की पुकार

मुझे पढना है, आगे बढना है माँ
मुझे जीना है, मुझे जीना है
मेरा दिल हर बार यही कहता है,
मुझे और जीना है, मुझे और जीना है,
जीवन मै रंग भरना है, खुली हवा मे उड़ना है
चार दीवारी में क्या जीवन है
मुझे और जीना है...........!
दुल्हन मुझे बनना है,
शादी के जोड़े में सजना है !
सभी को ख़ुशी दे सकू
मुझे और जीना है...........!
हल्की-हल्की बारिश को देखना है,
चाँद देखना है, सूरज देखना है,
मुझे और जीना है...........!
मुझे मत मारो, मुझे मत मारो
मै तुम्हारा बहुत सारा कम कर दूंगी!
मुझे ही नहीं, मेरी सभी बहनों को भी,
और जीना है, और जीना है!

श्याम दांगी
मोरटा केवडी,जिला शाजापुर(मध्य प्रदेश)
मोबाइल नंबर -9993554409


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