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Tuesday, April 13, 2010

आपके पत्र
जिन्दगी के नए आगाज सिखाने
"माय लेडी " के पर्सनालिटी कॉलम में जिस आप नताशा भारद्वाज की आपबीती सुनकर दिल पसीज गया !और लगा की आज महिलाये घर में रहकर भी सुरक्षित नहीं है तो बहार भला कैसे?
लेकिन नताशा भारद्वाज ने जिस बहादुरी से उस मनचले को सबक सिखाया वह काबिले-तारीफ है!व उनकी बहादुरी को देखकर महसूस हुआ की आज भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाली साहसिक व बहादुर महिलाये है!
श्याम दांगी
मोरटा केवडी, जिला -शाजापुर

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