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Thursday, April 29, 2010

वो हर पल हमसे दूर जाते रहे !

नजरो से नजरे मिलाते रहे

आँखों में सपने सजाते रहे

हम उनके करीब आये तो ,

वो हर पल हमसे दूर जाते रहे !!

नजदीकिया हमारी गुस्ताखी बन गई

धीरे धीरे वो हमारी आरजू बन गई

वो हमसे नजरे चुराते रहे ,

हम उनसे आँखे मिलाते रहे ,

वो हर पल हमसे दूर जाते रहे !

ख़ामोशी ने हमारी ये सितम दिए

हमने भी दर्द हंस हंसकर लिए

वो सितम पर सितम ढहाते रहे

हम हर सितम मुस्कुराकर सहते रहे !!

वो हर पल हमसे दूर जाते रहे !

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